कर्नाटक

कर्नाटक में कांग्रेस वोटर लिस्ट के SIR को लेकर 'डबल गेम' खेल रही है: Nitin Naveen

Kavita2
25 May 2026 11:26 AM IST
कर्नाटक में कांग्रेस वोटर लिस्ट के SIR को लेकर डबल गेम खेल रही है: Nitin Naveen
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Karnataka कर्नाटक: कर्नाटक में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस इस मुद्दे पर “डबल गेम” खेल रही है और जनता के बीच गलत संदेश फैला रही है।

BJP MLC सी. टी. रवि ने नबीन के हवाले से बताया कि पार्टी अध्यक्ष ने कर्नाटक इकाई को निर्देश दिया है कि वह कांग्रेस के उन बयानों का जवाब दे, जिन्हें पार्टी ने संविधान विरोधी बताया है। रवि ने कहा कि SIR को लेकर कांग्रेस का रुख लगातार विरोधाभासी रहा है और यह जनता को भ्रमित करने की कोशिश है।

रवि के अनुसार, नबीन ने कहा कि जब पहले जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में SIR या इसी तरह की वोटर सूची सुधार प्रक्रिया हुई थी, तब इसे स्वीकार किया गया था। लेकिन अब जब BJP इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है, तो कांग्रेस इसे गलत ठहरा रही है, जो उनके अनुसार दोहरे मानदंड को दर्शाता है।

BJP अध्यक्ष ने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि वह हर सरकारी प्रक्रिया का विरोध करने की मानसिकता से ग्रसित है। नबीन के अनुसार, कांग्रेस का यह रवैया लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने जैसा है और इससे चुनावी व्यवस्था पर अनावश्यक सवाल खड़े होते हैं।

सी. टी. रवि ने आगे कहा कि नितिन नबीन ने कांग्रेस पर SIR को लेकर एक नकारात्मक माहौल बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सार्वजनिक रूप से विरोध कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर वह अपने कैंप और नेटवर्क के जरिए वोटर मैपिंग की गतिविधियों में शामिल है।

BJP नेताओं का कहना है कि वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण एक नियमित और आवश्यक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य चुनावी प्रणाली को पारदर्शी और सटीक बनाना है। पार्टी का दावा है कि इस प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है।

वहीं कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि SIR को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है, खासकर जब चुनावी माहौल नजदीक आएगा।

कर्नाटक में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है और दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में जुटे हुए हैं।

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